हेरोओ पर्व

धान बोने के पश्चात, इसकी निकाई गोड़ाई इत्यादि की जाती है. जिस धान की बुवाई की गई थी उस धान के पौधे को खेतों में लगाने के समय यह त्योहार मनाया जाता है. इस त्योहार में प्रत्येक परिवार अपने – अपने खेतों में पूजा-पाठ करता है. इस अवसर पर खस्सी की बलि देकर ग्राम देवता तथा परिवार के सभी पूर्वजों को याद करते हुए आस-पास के जंगलों, पहाड़ों, वृक्षों पर बसने वाले देवी-देवताओं का आह्वान करते हुए समय पर बारिश करवाने, फसलों की सुरक्षा, चल-अचल संपत्ति की सुरक्षा की प्रार्थना एवं पूजा की जाती है.

इस दिन भी खूब खुशियाँ मनाई जाती है. लोग एक दूसरे को खिलाते-पिलाते हैं और नाचते गाते हैं.


हेरोओ ला~ड
चावल के आटे से बना भाप पर पका पकवान. यह हेरोओ परब पर खाने की चीज है.