पर्व त्योहार

हमारे देश में पर्व त्योहारों का अपना एक महत्त्व है. ये पर्व त्योहार देवी-देवताओं से, फसलों, फल-फूलों, मौसम से जुड़े होते हैं. अन्य जाति या समाज की तरह ही ‘हो’ समाज में भी मनाए जाने वाले पर्व त्योहार होते हैं, जिन्हें लोग सदियों से मनाते आ रहे हैं.

चूँकि “हो” समुदाय के लोगों का सम्बन्ध प्रकृति के साथ काफी निकट का होता है, इनका रहन-सहन, जीवन स्तर प्रकृति से ही संचालित होता है और इनके पर्व त्योहार भी प्रकृति से ही संबंधित होते है.

“हो” जाति में माने जाने वाले पर्व त्योहार निम्नलिखित हैं –

पर्व त्योहारों के नाममनाए जाने के दिन
१. बा पर्वफाल्गुन पूर्णिमा
२. हेर बाबा मूटबैशाख पूर्णिमा
३. हेरोओ पर्वआषाढ़ पूर्णिमा
४. जोमनमा पर्वभादो पूर्णिमा
५. मागे पर्वमाघ पूर्णिमा


इन सभी त्योहारों का प्रकृति यानि फल-फूलों, फसलों के साथ सम्बन्ध होता है. लोग अपने पर्व त्योहारों को उन्मुख हो पूरी जिंदगी जीने की शैली में मनाते हैं. पर्व त्योहारों के समय अपनी गरीबी-अमीरी, सुख-दुःख आपसी मन-मुटाव, आज-कल, सभी बातें भूल कर हर्षो-उल्लास के साथ मनाते हैं. “हो” समाज में एक पुरानी कहावत है – “सेनगे सुसुन, कजि गे दुरंग्”.

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